RBI cuts repo rate by 0.25%, Rs. 474 PM Saving on the home loan of Rs 30 lakh.

RBI cuts repo rate by 0.25%, Rs. 474 PM Saving on the home loan of Rs 30 lakh.. RBI has cut the repo rate by 0.25%. It has decreased from 6.00% to 5.75%. After the meeting of the Monetary Policy Committee (MPC) meeting, interest rates were announced on Thursday. Even in the June review meeting, the RBI had reduced the repo rate by 0.25%, whose repo rate was 6.00%.

  • Repo rate decreased from 6.00% to 5.75%, RBI gives loans to banks on the basis of repo rate
  • Banks will get cheaper loans, it will be easy for them to pay a low interest rate
  • According to the Expert in the banking sector, the decline in repo rate will reduce the impact of the deposit rates.

Reserve Bank of India’s monetary policy committee (MPC) announced interest rates on Thursday. Repo rate has been cut by 0.25%. It has reduced from 6% to 5.75%. With a reduction in repo rate, all types of loans will be cheap. However, it depends on banks for how much and how much they give the benefit of reduction in the repo rate. The repo rate is the rate at which the RBI lends to the commercial banks.

Repo rate has been cut by 0.25%. It has reduced from 6% to 5.75%.

Loan EMIs will be lower

The repo rate is the rate at which the RBI lends to the banks. Due to this, banks get cheaper loans. It also clears the way for customers to lower the rates of loans. However, last time the banks did not reduce the interest rates as much as the RBI had reduced the repo rate.

Estimates GDP growth at 7.0% in the current fiscal

RBI has expressed that GDP growth in the current financial year (2019-20) will be 7.0%. The Reserve Bank has reduced the GDP growth forecast to 7% in the current financial year (2019-20). After the April meeting, the estimated 7.2% was released.

RBI cuts tariff on RTGS, NEFT

The Reserve Bank has decided to abolish the duty on online fund transfer through RTGS and NEFT. Banks will have to give this benefit to the customers. Banks will be issued instructions in this regard in a week. An amount of Rs 2 lakh or more can be transferred through RTGS. Funds can be transferred immediately through this. There is no minimum limit for transfer of funds through NEFT. The largest bank in the country, SBI currently charges 5 rupees to 50 rupees and GST on the transaction through RTGS. Fees of Rs.1 rupees to 25 rupees and GST on NEFT.

Repo Rate News in hindi

रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) ने गुरुवार को ब्याज दरों का ऐलान किया। रेपो रेट में 0.25% कटौती की गई है। यह 6% से घटकर 5.75% हो गया है। रेपो रेट में कमी से सभी तरह के लोन सस्ते होंगे। हालांकि, यह बैंकों पर निर्भर करता है कि वे रेपो रेट में कमी का फायदा ग्राहकों को कब तक और कितना देते हैं। रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई कॉमर्शियल बैंकों को कर्ज देता है।

लोन की ईएमआई कम होगी

रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। इसमें कमी होने से बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है। इससे बैंकों के लिए भी ग्राहकों को लोन की दरें घटाने का रास्ता साफ होता है। हालांकि, पिछली बार बैंकों ने ब्याज दरों में उतनी कमी नहीं की थी जितनी आरबीआई ने रेपो रेट घटाई थी।

आरबीआई ने आरटीजीएस, एनईएफटी पर शुल्क खत्म किया

रिजर्व बैंक ने आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए ऑनलाइन फंड ट्रांसफर पर शुल्क खत्म करने का फैसला लिया है। बैंकों को इसका फायदा ग्राहकों को देना होगा। इस बारे में बैंकों को एक हफ्ते में निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। आरटीजीएस के जरिए 2 लाख रुपए या इससे ज्यादा की राशि ट्रांसफर की जा सकती है। इसके द्वारा फंड तुरंत ट्रांसफर किया जा सकता है। एनईएफटी के जरिए फंड ट्रांसफर की कोई न्यूनतम सीमा नहीं है।देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई आरटीजीएस के जरिए ट्रांजेक्शन पर फिलहाल 5 रुपए से 50 रुपए तक शुल्क और जीएसटी लेता है। एनईएफटी पर 1 रुपए से 25 रुपए तक फीस और जीएसटी लगता है।

जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 7% किया

रिजर्व बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष (2019-20) में जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 7% कर दिया है। अप्रैल की बैठक के बाद 7.2% का अनुमान जारी किया था।

खुदरा महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 3-3.1 फीसदी किया

रिजर्व बैंक ने अप्रैल से सितंबर की छमाही में महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 3-3.1% कर दिया है। अप्रैल में 2.9 से 3% की उम्मीद जताई थी। ब्याज दरें तय करते वक्त आरबीआई खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखता है। यह लगातार आरबीआई के 4% के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है। अप्रैल में यह 2.92% रही थी।

रेपो रेट 5 महीने में 0.75% कम हुआ

शक्तिकांत दास के गवर्नर बनने के बाद लगातार तीसरी बार रेपो रेट घटा है। अप्रैल और फरवरी की समीक्षा बैठकों के बाद भी 0.25-0.25 फीसदी की कटौती की गई थी। फरवरी में दास की अध्यक्षता में आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की पहली समीक्षा बैठक हुई थी। उर्जित पटेल के इस्तीफा देने के बाद दास ने दिसंबर 2018 में आरबीआई के गवर्नर का पद संभाला था।