PACL Refund Procedure online by SEBI , पीएसीएल का रिफंड कैसे प्राप्त करें

PACL Refund Procedure online by SEBI , पीएसीएल का रिफंड कैसे प्राप्त करें. For the victims of the Ideal Credit Society scam, today’s biggest question is when will they get their money back? There is no way in this regard yet, but in the state five years ago, the most talked about Rs 2,850 crore There was a PACL scam, so far the investors have not been able to get the money back. While the Supreme Court has ordered the return of investors money 36 months ago

  • The Supreme Court had then said that after 6 auctioning of assets of PACL, the return of investors money with interest
  • PACL scam did not get money till 5 years ago, when will it be available in the ideal credit society?

पीएसीएल का रिफंड कैसे प्राप्त करें

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 36 महीने बाद भी करीब सवा लाख लोगों के 100 करोड़ रु. नहीं लौटाए

सुप्रीम कोर्ट ने तब कहा था कि पीएसीएल की संपत्तियां नीलाम करके 6 महीने में निवेशकों का पैसा ब्याज सहित लौटाएं 5 साल पहले हुए पीएसीएल घोटाले में अब तक पैसे नहीं मिले, आदर्श क्रेडिट साेसायटी में कब मिलेंगे? आदर्श क्रेडिट सोसायटी घोटाले का शिकार होने वालों के लिए आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके पैसे कब वापस मिलेंगे? इसे लेकर तो अभी कोई तरीका सामने नहीं आया है लेकिन प्रदेश में पांच साल पहले जो सबसे चर्चित 2850 करोड़ रु. का पीएसीएल घोटाला हुआ था, उसमें भी अभी तक निवेशकों को पैसे वापस नहीं मिल पाए हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट 36 महीने पहले ही निवेशकों के पैसे लौटाने का आदेश दे चुका है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को सेवानिवृत्त सीजेआई आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। कोर्ट ने कमेटी से कहा था कि पीएसीएल की संपत्तियों को नीलाम करके 6 माह में लोगों काे ब्याज सहित भुगतान करें। सेबी के आकलन के अनुसार पीएसीएल की 1.86 लाख कराेड़ रुपए की संपत्ति है, जाे निवेशकों की जमा राशि की तुलना में 4 गुना है। पीएसीएल कंपनी की योजनाओं को अवैध मानते हुए सेबी ने 22 अगस्त 2014 को कंपनी के कारोबार बंद कर दिए थे। जिसके चलते निवेशकों की पूंजी कंपनी के पास जमा रह गई। इसके बाद कंपनी व सेबी के बीच सुप्रीम कोर्ट में केस चला और सेबी जीत गई। 17 वर्ष तक राज्य में रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली पीएसीएल में प्रदेश के 28 लाख लोगों ने करीब 2850 करोड़ और देश के 5.85 करोड़ लोगों ने कुल 49100 करोड़ का निवेश किया था।

The last date of receipt of claim applications from investors of PACL Ltd. has been extended from  April 30, 2019 to July 31, 2019

इसलिए फंसे हैं आपके पैसे…

इस साल 8 फरवरी से 30 अप्रैल तक सेबी ने निवेशकों से ऑनलाइन भुगतान के लिए आवेदन मांगे थे। इनमें जयपुर जिले में महज 70 और प्रदेश में करीब 1200 आवेदन प्राप्त हुए। इसके चलते सेबी ने ऑनलाइन भुगतान की आवेदन की तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई 2019 कर दी है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, 8 स्टेप में समझें पूरी प्रक्रिया…

  • निवेशक सबसे पहले https://www.sebipaclrefund.co.in/ इस लिंक पर जाएं। दायीं ओर नीले आइकन में दिए ‘रजिस्ट्रेशन’पर क्लिक करें। इसे भरें। मोबाइल पर ओटीपी नंबर आ जाएगा।
  • ओटीपी नंबर भरने पर रजिस्ट्रेशन नंबर आएगा जिससे आपका लॉगइन खुलेगा। लॉगइन खुलने के बाद पूरी प्रक्रिया इस तरह पूरी करें।
  • पीएसीएल सर्टिफिकेट नंबर डालें। नाम पैन कार्ड के अनुसार भरें। रसीदों की संख्या लिखें। निवेश की राशि लिखें। जमीन अलॉट है या नहीं, उस पर क्लिक करें। अलॉट है तो लिखें कितनी जमीन है।
  • बैंक अकाउंट के अनुसार निवेशक का नाम लिखें। आईएफएससी कोड दर्ज करें। जहां खाता है उस बैंक शाखा का नाम लिखें। बैंक का खाता नंबर लिखें। बैंक के खाते का प्रकार भी दर्ज कर दें।
  • अब ये चीजें अटैच करें। पहले कॉलम में स्कैन किया फोटोग्राफ। दूसरे कॉलम में पैन कार्ड की कॉपी। तीसरे कॉलम में कैंसिल्ड चेक की कॉपी। अगर चेक न हो तो चौथे में बैंक पासबुक अटैच कर दें।
  • पीएसीएल सर्टिफिकेट की स्कैन कॉपी के साथ-साथ इन्हें भी अटैच करें। सभी रसीदों के नंबर, तारीखें उनकी स्कैन कॉपियां।
  • इन सबके बाद लॉगइन के नीचे एक कॉलम आएगा, जिसमें आपके द्वारा भरी गई दस्तावेजों की लिस्ट होगी। आपके ‘ओके’ करने पर ही सभी दस्तावेज जस्टिस लोढ़ा कमेटी के पास चले जाएंगे।
  • इसके बाद कमेटी तय करेगी कि किस निवेशक को कितनी राशि लौटानी है।

रिफंड लेने के लिए 5 जरूरी दस्तावेज

  • निवेश का सर्टिफिकेट
  • निवेश की रसीदें
  • बैंक खाता, पैन कार्ड
  • कैंसिल चेक
  • निवेशक की फोटो

सेबी चाहे तो कर सकता है भुगतान

  • अगर सेबी चाहे तो पीएसीएल कंपनी के निवेशकों का पैसा लौटा सकती है। {पीएसीएल कंपनी की परिसंपत्तियां भुगतान की जाने वाली राशि से लगभग 4 गुना हैं।
  • कंपनी की संपत्तियां अलग-अलग हिस्सों में बांटकर उसे नीलाम करके भी पैसे निवेशकों को वापस किए जा सकते हैं।

4 शर्तें अटका रहीं निवेशकों का पैसा

  • कंपनी बंद होने की अफवाहों के बीच लगभग 70% से भी अधिक निवेशकों ने अपने ओरिजिनल बॉन्ड पीएसीएल कंपनी में जमा करवा दिए। बिना ओरिजिनल बॉन्ड के वे अब ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
  • सेबी ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में निवेशकों से जमा किए गए धन की सभी रसीदों को स्कैन करके आवेदन करने की शर्त लगाई है। जबकि पीएसीएल कंपनी में केवल पहली और अंतिम रसीद की अनिवार्यता थी।
  • ऑनलाइन आवेदन में पैन कार्ड की अनिवार्यता है। जबकि अधिकांश निवेशक किसान, मजदूर व महिलाएं हैं जिनके पास पैन कार्ड ही नहीं है।
  • सेबी की साइट धीमी चलने के कारण भी लोग आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा है।
    निवेशकों की मांग : बाजार नियामक सेबी को इन शर्तों में ढील देने की जरूरत है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग रकम वापसी के लिए कम से कम ऑनलाइन आवेदन तो कर सकें।

PACL Refund Procedure

The Supreme Court had formed the committee under the chairmanship of retired CJI RM Lodha on February 2, 2016. The court had told the committee that after pampering the properties of PACL, people would be paid in interest of 6 months. According to SEBI estimates, PACL has assets worth 1.86 lakh rupees, which is 4 times the amount of deposits deposited by the investors. The Securities and Exchange Board of India (Sebi) had closed the company’s business on August 22, 2014, considering the plans of PACL Company as illegal. Because of which the investor’s capital has been deposited with the company. After this, the case was registered in the Supreme Court between the company and SEBI and SEBI won. In PACL, who worked for real estate investing in the state for 17 years, 28 lakh people of the state had invested around Rs 2,850 crore and 5.85 crore people in the country invested a total of Rs 49100 crore. 

The last date of receipt of claim applications from investors of PACL Ltd. has been extended from  April 30, 2019 to July 31, 2019

So stranded is your money …

From 8th February to 30th April this year, SEBI had sought applications from investors for online payment. Of them, only about 70 in the district of Jaipur and about 1200 applications were received in the state. As a result, SEBI has extended the date of application for online payment to 31 July 2019.

How to apply online for PACL Refund 2019

  • Investor first visit https://www.sebipaclrefund.co.in/ to this link. Click on ‘Registration’ in the blue icon on the right side. Fill it. The OTP number will come on mobile.
  • After filling the OTP number, there will be a registration number which will open your login. After the login opens, complete the whole process like this.
  • Enter PACL certificate number. Fill the name according to the PAN card. Write the number of receipts. Write the amount of investment. Click on whether the land is allot or not. Alot is so write how many grounds it is.
  • Enter the name of the investor according to the bank account. Enter IFSC code. Enter the name of the bank branch where the account is located. Type the bank account number. Also enter the bank account type.
  • Now attach these things. Scanned photographs in the first column Copy of the PAN card in the second column. Copy of the cancellated check in the third column. If not checked, attach the bank passbook in the fourth.
  • Attach these as well as scan copy of PACL certificate. Number of receipts, dates, their scan copies.
  • After all, a column will appear below the login, which will list the documents you have filled. All your documents will go to the Lodha committee only if you ‘OK’.

After this the committee will decide which amount to return to which investor will have to return.

Documents Required for PACL Refund

1. Investment certificate
2. Investment receipts
3. Bank account, PAN card
4. Cancell check
5. Investor’s photo

Investors’ money stuck in 4 conditions

  • Between the rumors of the company closure, more than 70% of the investors have deposited their original bond in PACL Company. They are no longer able to apply online without original Bond.
  • SEBI has made a preference to scan all receipts of funds deposited by investors in the online application process and apply for it. Whereas only the first and final receipt was required in PACL Company.
  • Pan Card is mandatory in online application. While most of the investors are farmers, laborers and women who do not have a PAN card.
  • People are unable to apply due to slow running of SEBI site. This problem is very high in rural areas.
  • Investor’s demand: Market regulator Sebi needs to relax these conditions so that more and more people can make at least online applications for withdrawal of money.